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ऑन-स्क्रीन मार्किंग
Delhi दिल्ली: संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के चेयरपर्सन के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम) को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इस प्रणाली के कारण देश और खाड़ी देशों में लाखों CBSE कक्षा 10 और 12 के छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के चेयरपर्सन के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
"मैं पूरे भारत और खाड़ी देशों में लाखों CBSE कक्षा 10 और 12 के छात्रों की बड़ी चिंताओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित के लिए लिख रहा हूँ। नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) डिजिटल… pic.twitter.com/49ClYqPa6H
पत्र में कहा गया है कि नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे छात्रों के अंक और परिणाम प्रभावित हो रहे हैं। इसके चलते छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ा है और उनकी उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
वेणुगोपाल ने कहा कि कई छात्र और अभिभावक अपनी शिकायतों को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी के लिए आवेदन की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, जबकि पुनर्मूल्यांकन के लिए अंतिम तिथि 29 मई के करीब है। उन्होंने इसे प्रशासनिक और प्रणालीगत विफलता बताया और कहा कि इसका खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।
पत्र में प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने और एक समयबद्ध वन टाइम रिड्रेसल प्रक्रिया लागू करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो और वे अपनी उच्च शिक्षा की समयसीमा न चूकें। इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है और वे समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
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